आज ये कैसी उदासी चाई है
तन्हाई की बादल से भीगी जुदाई है
रोया है फिर मेरा दिल
जाने आज किसकी यद् आई है
बेचैन शाम को उदास रात ने आवाज़ लगायी है
कोई भूली हुई बात फिर याद आई है
दर्द उठा है आज फिर सीने में मेरे
जाने किसने चोट लगायी है .
अपना समझकर हर ख़ुशी उसपे लुटाई है
बदले में चाहा प्यार, तो मिली बेवफाई है
हुए इस कदर रुसवा हम की
आज खुद पे शर्म आई है
उसके इंतज़ार में बैठी मेरी परछाई है
कुछ सोचकर आज फिर आँख भर आई है
जल रही थी शमा बड़े शान से
जाने किसने आकर बुझाई है
आज वही तारीख लौटकर फिर आई है
पर वो नहीं साथ, सिर्फ मेरी तन्हाई है
यही सोचेंगे उम्र भर की
क्यों उसने की मेरी रुसवाई है
रोया है फिर मेरा दिल
कोई बात आज फिर याद आई है
तन्हाई की बादल से भीगी जुदाई है
रोया है फिर मेरा दिल
जाने आज किसकी यद् आई है
बेचैन शाम को उदास रात ने आवाज़ लगायी है
कोई भूली हुई बात फिर याद आई है
दर्द उठा है आज फिर सीने में मेरे
जाने किसने चोट लगायी है .
अपना समझकर हर ख़ुशी उसपे लुटाई है
बदले में चाहा प्यार, तो मिली बेवफाई है
हुए इस कदर रुसवा हम की
आज खुद पे शर्म आई है
उसके इंतज़ार में बैठी मेरी परछाई है
कुछ सोचकर आज फिर आँख भर आई है
जल रही थी शमा बड़े शान से
जाने किसने आकर बुझाई है
आज वही तारीख लौटकर फिर आई है
पर वो नहीं साथ, सिर्फ मेरी तन्हाई है
यही सोचेंगे उम्र भर की
क्यों उसने की मेरी रुसवाई है
रोया है फिर मेरा दिल
कोई बात आज फिर याद आई है
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